जब रात का चांद अचानक अंधेरे में डूब जाए और कुछ ही मिनटों में लाल आग की तरह चमकने लगे, तो समझ लीजिए कि आसमान में एक अद्भुत घटना घट रही है। चंद्र ग्रहण 2025 न केवल वैज्ञानिकों के लिए रोमांचक है बल्कि धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। कहा जा रहा है कि यह ग्रहण कई राशियों की जिंदगी पर गहरा असर डालेगा। आइए जानते हैं कि यह चंद्र ग्रहण कब लगेगा, भारत में कहाँ-कहाँ दिखाई देगा और इसका ज्योतिषीय महत्व क्या है।
चंद्र ग्रहण 2025 कब लगेगा?
साल 2025 में दो बड़े चंद्र ग्रहण होंगे।
1. पूर्ण चंद्र ग्रहण – 14-15 मार्च 2025
- आरंभ: रात 10:23 बजे (14 मार्च)
- मध्यकाल: रात 12:59 बजे (15 मार्च)
- समाप्ति: सुबह 3:37 बजे (15 मार्च)
- दृश्यता: यह ग्रहण भारत, एशिया, यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में दिखाई देगा।
2. आंशिक चंद्र ग्रहण – 7-8 सितंबर 2025
- आरंभ: शाम 7:45 बजे (7 सितंबर)
- मध्यकाल: रात 9:15 बजे
- समाप्ति: रात 10:47 बजे
- दृश्यता: यह भारत, एशिया, अफ्रीका और यूरोप के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।
भारत में दृश्यता
दोनों ग्रहण भारत के लगभग सभी राज्यों में देखे जा सकेंगे। चाहे आप दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ या जयपुर में हों – साफ आसमान होने पर यह खगोलीय घटना सभी को दिखाई देगी। ग्रामीण इलाकों में तो रात का आसमान और भी स्पष्ट दिखाई देता है, इसलिए गाँवों के लोग इस नज़ारे को और ज्यादा रोमांचक रूप में देख पाएंगे।
चंद्र ग्रहण का वैज्ञानिक महत्व
चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है।
- पूर्ण चंद्र ग्रहण में चांद तांबे या लाल रंग का दिखता है, जिसे “ब्लड मून” कहा जाता है।
- यह घटना पूरी तरह से प्राकृतिक है और इसे नंगी आंखों से देखना सुरक्षित है।
- वैज्ञानिकों के लिए यह अध्ययन का अवसर है, वहीं आम लोगों के लिए यह एक अद्भुत अनुभव बन जाता है।
ज्योतिषीय प्रभाव
भारतीय ज्योतिष में माना जाता है कि चंद्र ग्रहण व्यक्ति की भावनाओं और निर्णयों को प्रभावित करता है। साल 2025 के ग्रहण का असर अलग-अलग राशियों पर इस प्रकार हो सकता है:
- अनुकूल राशियाँ: मेष, सिंह, धनु – इन राशियों को नए अवसर मिल सकते हैं।
- चुनौतीपूर्ण राशियाँ: वृषभ, वृश्चिक, कुंभ – इन लोगों को मानसिक तनाव या रिश्तों में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।
- सामान्य प्रभाव: मिथुन, कर्क, कन्या, तुला, मकर, मीन – कोई बड़ा असर नहीं होगा।
नोट: यह पारंपरिक मान्यताएँ हैं और हर ज्योतिषी की राय अलग हो सकती है।
धार्मिक मान्यताएँ और सूतक काल
हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
- ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है।
- इस दौरान भोजन पकाना, खाना और शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है।
- लोग मंत्र जाप, प्रार्थना और ध्यान में समय बिताते हैं।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करके मंदिर दर्शन और दान करने की परंपरा है।
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें
क्या करें:
- ग्रहण से पहले और बाद में स्नान करें।
- मंत्र जाप और ध्यान करें।
- ग्रहण के बाद गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें।
क्या न करें:
- ग्रहण के दौरान भोजन और पानी का सेवन न करें।
- गर्भवती महिलाओं को बाहर जाने से बचना चाहिए।
- नए काम या शुभ कार्य शुरू करने से परहेज करना चाहिए।
चंद्र ग्रहण 2025 क्यों खास है?
मार्च 2025 का पूर्ण चंद्र ग्रहण इस दशक के सबसे लंबे ग्रहणों में से एक होगा, जो 3 घंटे से भी ज्यादा चलेगा। वहीं सितंबर का आंशिक चंद्र ग्रहण भी पूरे भारत में दिखाई देगा। यह साल खगोल विज्ञान के प्रेमियों, आस्था रखने वालों और ज्योतिष में विश्वास करने वालों – सभी के लिए विशेष महत्व रखेगा।